नई दिल्ली: केरल में विधानसभा चुनाव में प्रचंड जीत दर्ज करने के बावजूद कांग्रेस अब मुख्यमंत्री पद के चेहरे को लेकर गहरे मंथन में उलझी हुई है। पार्टी के भीतर लगातार बैठकों और वरिष्ठ नेताओं के बीच चर्चा का दौर जारी है, लेकिन अब तक अंतिम फैसला नहीं हो सका है। हालात ऐसे हैं कि तिरुवनंतपुरम से लेकर दिल्ली तक राजनीतिक हलचल तेज बनी हुई है।
मुख्यमंत्री पद की रेस में कांग्रेस संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल और पूर्व नेता प्रतिपक्ष वीडी सतीशन सबसे मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं। इसके अलावा वरिष्ठ नेता रमेश चेन्निथला का नाम भी चर्चा में बना हुआ है। पार्टी नेतृत्व अब सभी पक्षों को साधते हुए ऐसा फैसला लेने की कोशिश में जुटा है, जिससे संगठन और गठबंधन दोनों में संतुलन बना रहे।
मंगलवार को दिल्ली में एक बार फिर अहम बैठक हुई, जिसमें कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी भी मौजूद रहे। उन्होंने केरल कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं और पूर्व प्रदेश अध्यक्षों से अलग-अलग मुलाकात कर मुख्यमंत्री पद को लेकर रायशुमारी की।
सूत्रों के मुताबिक राहुल गांधी ने कन्नूर से सांसद और वरिष्ठ नेता के. सुधाकरन, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एमएम हसन और के. मुरलीधरन से चर्चा की। इसके अलावा पार्टी के तीनों कार्यकारी अध्यक्षों पी.सी. विष्णुनाथ, शफी परम्बिल और ए.पी. अनिल कुमार के साथ भी अलग-अलग बैठकों में राजनीतिक समीकरणों पर मंथन किया गया।
बुधवार तक हो सकता है मुख्यमंत्री के नाम का ऐलान
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता के. मुरलीधरन ने संकेत दिए हैं कि मुख्यमंत्री पद को लेकर फैसला जल्द सामने आ सकता है। उनका कहना है कि मंगलवार देर रात या फिर बुधवार सुबह तक पार्टी नए मुख्यमंत्री के नाम का ऐलान कर सकती है।
इसी बीच यह भी जानकारी सामने आई है कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे बेंगलुरु से दिल्ली पहुंच रहे हैं। माना जा रहा है कि उनके आने के बाद पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के साथ एक और दौर की बैठक होगी। इसके बाद सोनिया गांधी से भी अंतिम चर्चा की जा सकती है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि कांग्रेस नेतृत्व किसी भी तरह के अंदरूनी विवाद से बचना चाहता है, इसलिए हर गुट और वरिष्ठ नेता की राय लेने के बाद ही अंतिम फैसला किया जाएगा।
वेणुगोपाल बनाम सतीशन की चर्चा सबसे ज्यादा
मुख्यमंत्री पद को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा केसी वेणुगोपाल और वीडी सतीशन के नामों को लेकर हो रही है। वेणुगोपाल को राहुल गांधी का करीबी माना जाता है और संगठन में उनकी मजबूत पकड़ है। वहीं वीडी सतीशन ने विपक्ष के नेता के तौर पर राज्य की राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाई है।
रमेश चेन्निथला भी लंबे समय से केरल कांग्रेस की राजनीति का बड़ा चेहरा रहे हैं और उनके समर्थक भी मुख्यमंत्री पद की दावेदारी मजबूत बता रहे हैं। ऐसे में पार्टी नेतृत्व के सामने संतुलन बनाना बड़ी चुनौती माना जा रहा है।
सीएम चयन में देरी से सहयोगी दल भी नाराज
कांग्रेस की सहयोगी पार्टी इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग ने भी मुख्यमंत्री चयन में हो रही देरी पर नाराजगी जताई है। पार्टी का कहना है कि इतनी लंबी अनिश्चितता राज्य में राजनीतिक अस्थिरता का संदेश दे सकती है।
दरअसल, हाल ही में संपन्न हुए केरल विधानसभा चुनाव में कांग्रेस नीत यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 140 में से 102 सीटों पर जीत दर्ज की थी। इतनी बड़ी जीत के बाद अब मुख्यमंत्री पद को लेकर फैसले में हो रही देरी ने राजनीतिक चर्चाओं को और तेज कर दिया है।
